Saturday, May 23, 2026

कॉकरोच मत बोलो नी !

मालवी व्यंग्य का शीर्षक - कॉकरोच मत बोलो नी । 



लो साब मार्केट में एक नवो शब्द ट्रेंड करी रयो हे- कॉकरोच। कॉकरोच होण के बी नी मालम कि एक दन वी इत्ता वायरल हुई जायगा। या खबर देखी सुणी ने अपणा मालवा का सगळा कसारा होण राजवाड़ा पे भेला हुई ग्या। उनने मीटिंग करी। एक डोकरो कसारो (मालवी में कॉकरोच के कसारो ज बोल्यो जाय) दो टांग पे खड़ो हुय ने जोर से चिल्लय ने बोल्यो- 

       " ई मनख होण अपणा आप के कय समझे हे। हमारा नाम को बेजा इस्तेमाल करी रिया हे। नेठूज गिरी ग्या ई तो। इनके ओर कोई पशु-पक्षी नी मिल्या जो अपणो नाम बदनाम करने मंडी ग्या। " 

        दूसरो कसारो बोल्यो- ऐ ज़्यादा ज़ोर से मत चिल्ला। थारी टांग होण कांपी री हे, पड़ी जायगा तो फ्रेक्चर हुई जायगा। ।" उकी बात सुणी ने एक नानी-सी कसारी बोली-" बूझने का पेला दीवो जोर से ज फड्फड़ावे हे।" उकी कॉकरोच मां ने आंखा निकाली ने उके डरायो - " बड़ा-बूढ़ा को सम्मान नी हे थारा मन में, भोत जिबान चली री हे, यां ज मसली दूवा हां!" मां की डांट सुणी ने नानी कसारी वां से भागी ने कचोरी की दूकान पे पोची गी। 

डोकरो कसारो फिर बोल्यो- "इन मनख होण ने हमारा नाम से दल बणय ल्यो हे, अपणी बिना परमिशन के अपणा नाम को इस्तेमाल करी रिया हे, इको जुर्मानो-हरजानो तो भरनो ज पड़ेगा। तो माई डियर कॉकरोच भई-बेन होण तम सब यो बताव कि कित्ती रकम को केस करा इन मनख होण का उपर।" 

" म्हारा हिसाब से एक करोड़ को सई रेगा।" एक बुद्धिमान युथ कसारो बोल्यो सबका गले बात उतरी गी पण एकदम से माने कसे। एक डोकर कसारो बोल्यो - " लो अबे इनी नानी हंगार की बात माननी पड़ेगी अपणे, इत्ता बुरा दन अय ग्या कई ।" बाकी सब बड़ा-बूढ़ा कसारा होण भी एक आवाज़ में चिल्लाया - बिल्कुल नी। एक डोकरी कसारी बोली-सवा करोड़ कसो रेगो। मालवा में नारी को सम्मान करयो जाय हे तो सबने डोकरी कसारी की बात मानी ने एक साथ अपणी मूंछ का दोय एंटीना हिलय ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करी दियो। 

         पण या बात उनी युथ कसारा के अखरी गी। उके समज अय ग्यो के ई पुरानी इमारता होण गिरेगा जदेज अपणो सिक्को जमेगा। उ मन ही मन सोची रियो थो के अपणी अलग पार्टी बनानी पड़ेगी। कल ज एक पोया-जलेबी की पंगत करी ने घोषणा करी दूवा। पाछे से एक नाना-सा कसारा की आवाज़ ने उको विचारमग्नता तोड़ी दी। 

     "खाली पीली मीटिंग ज होयगा के पेट पूजा को इंतज़ाम भी हे, मालवा में दाल बाटी खाये बिना कोई मीटिंग पूरी नी होय।"  डोकर कसारो बोल्यो - " अरे नाना चिंता मत कर, राजहंस पे आर्डर करी मेल्यो हे दाल बाटी की थाली को। एक-एक थाली में चार- चार, पांच-पांच कॉकरोच होण हुई जाजो। "

        इत्ता में ज एक फेसनेबल टिनएजर कसारी बोली -अंकल जी कॉकरोच मत बोलो नी, म्हारो नाम करीना हे । 

     राजवाड़ा पे कॉकरोच होण की चौपाल चली ज री थी ने नगर निगम की टीम साफ सफई करने अयगी ने दियो स्प्रे करी ने तो सगळा कॉकरोच होण सरपट भागने लग्या पण भागी नी पाया अने स्वच्छता अभियान की भेंट चढ़ी ग्या । जे राम जी की।


                     हेमलता शर्मा भोली बेन 

                         मालवी व्यंग्यकार 

                         इंदौर मध्यप्रदेश 

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कॉकरोच मत बोलो नी !

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